कंप्यूटर कितने प्रकार के होते हैं और कौन-कौन हिंदी में, Computer kitne prakar ke hote hain-Hindiforyou.in

कंप्यूटर कितने प्रकार के होते हैं और कौन-कौन हिंदी में, आज अगर हम बात करें, कंप्यूटर की तो आप में से बहुत अधिक लोगों ने इसका प्रयोग किया होगा। वह आज के आधुनिक युग में कंप्यूटर का विकास बहुत ज्यादा तेजी से हो रहा है तथा इसमें निरंतर नए नए बदलाव आते जा रहे हैं इन में नए नए कंप्यूटर के प्रकार भी होते हैं।

यह मानव जीवन का एक मुख्य भाग बन गया है। कंप्यूटर के अनेक प्रकार हैं जिसके कारण कुछ सेकंड में अनेक कार्य को किया जा सकता है। जैसे कि रेलवे सीट टिकट बुकिंग, जरूरी बिल भरना, किसी भी दृश्य को कैमरे में कैद करना आदि।

जब आप सब लोग कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं। तब कभी आपने यह सोचा कि यह "कंप्यूटर क्या है ?" तथा "Computer kitne prakar ke hote hain?" देखने में यह कुछ साधारण से प्रश्न हैं जो आप लोग के मन में जरूर आए होंगे पर इसका उत्तर सामान्य नहीं यह कंप्यूटर कितने प्रकार के होते हैं इस बात का विभाजन कंप्यूटर कार्य पर निर्भर होता हैं यह कंप्यूटर उद्देश्य, प्रयोग के आधार पर बटे हुए हैं।

जिसके कारण कंप्यूटर अनेक प्रकार के होते हैं। आज इस Article में हम आपको यही बताएंगे कि यह कंप्यूटर कितने प्रकार के होते हैं और कौन-कौन हिंदी में तथा इनकी पूरी जानकारी इस Article में आपको मिल जाएगी।
कंप्यूटर कितने प्रकार के होते हैं? How many types of Computer in Hindi - HindiForYou.In

कंप्यूटर क्या है? (What is Computer?)

कंप्यूटर एक मशीन है जो मनुष्य द्वारा दिए गए निर्देश या Input के अनुसार कार्य या Process को करती हैं तथा Output के जरिए यह हमें उस समाप्त कार्य को देखती हैं।

कंप्यूटर के कुछ मुख्य भाग जो हर प्रकार के कंप्यूटर में प्रयोग होते हैं।

जैसा कि कंप्यूटर हजारों छोटे-छोटे यंत्रों से मिलकर बना है। तथा यह कंप्यूटर अनेक प्रकार के भी होते हैं, पर इन सभी कंप्यूटर में कुछ मुख्य भाग समान होते हैं और अब हम आपको उन सभी समान भागों के बारे में बताएंगे। यह कौन कौन से भाग है तथा उनके कार्य क्या हैं।

C.P.U (सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट)

C.P.U कंप्यूटर का वह मुख्य भाग है। जो किसी भी प्रकार के कंप्यूटर को प्रोसेसिंग प्रदान करने में प्रयोग किया जाता है। C.P.U में बहुत सारे Core होते हैं, जो किसी भी कंप्यूटर की प्रोसेसिंग फास्ट करने में मदद करते हैं फास्ट प्रोसेसिंग कंप्यूटर के लिए बहुत अच्छा होता है।

इससे कंप्यूटर की कार्य करने की गति बढ़ जाती है। इसलिए C.P.U सभी प्रकार के कंप्यूटर में प्रयोग किया जाता है लेकिन यह हर प्रकार के कंप्यूटर में अपनी संख्या व क्षमता के बल अनुसार प्रयोग किया जाता है।

Storage Device 

जिस तरह हम कंप्यूटर में अनेक प्रकार के कार्य को करते हैं। तो उस कार्य को Save करने के लिए हमें कुछ Storage Device की जरूरत पड़ती है। इन Devices की वजह से हम अपने कार्य को इन डिवाइस की स्टोरेज में Save कर लेते हैं और जिसकी वजह से हम आने वाले समय या कभी भी अपने पिछले सभी कार्य का प्रयोग कर सकते हैं।

Storage Device अपनी Capacity के अनुसार अनेक प्रकार के कंप्यूटरों में लगाए जाते हैं। हर कंप्यूटर के अनुसार इनकी Capacity Depend करती है वैसे यह Storage Device बहुत Large Capacity में भी Available होते हैं। यह बहुत बड़े-बड़े प्रोग्राम, सॉफ्टवेयर, कार्य को अपने अंदर बहुत आसानी से Store कर लेते हैं।

जिससे हमें मदद मिलती है और हम उन प्रोग्राम, सॉफ्टवेयर, फाइल, डाटा को फ्यूचर में दोबारा प्रयोग कर पाते हैं।

Input Devices

इनपुट डिवाइस वे होते हैं। जो कंप्यूटर में इस्तेमाल किए जाते हैं यह डिवाइस हमारे द्वारा निर्देश प्राप्त करके कंप्यूटर प्रोसेसिंग यूनिट तक भेजते हैं और कंप्यूटर इन मिले हुए निर्देश के अनुसार कार्य करता है कंप्यूटर के कुछ मुख्य इनपुट डिवाइस Keyboard, Joystick, Mouse आदि हैं।

Output Devices

कंप्यूटर के आउटपुट डिवाइस वह होते हैं। जो कंप्यूटर द्वारा जुड़कर कंप्यूटर के किए हुए कार्य का परिणाम हमारे सामने स्क्रीन के माध्यम से दिखाते हैं। आउटपुट डिवाइस जैसे Monitor, Printer आदि।

R.A.M (Random Access Memory)

R.A.M का कंप्यूटर में बहुत महत्वपूर्ण कार्य होता है। यह मेमोरी बहुत फास्ट होती है, यह नॉर्मल Hard Drive स्टोरेज मेमोरी से बहुत ज्यादा फास्ट होती है इसका मुख्य कार्य स्टोरेज डिवाइस में Store हुए प्रोग्राम, सॉफ्टवेयर को Hard Drive की Memory से उठाकर अपनी Memory पर Fast work करवाना होता है।

R.A.M नॉर्मल मेमोरी की तुलना में बहुत महंगी होती है। और फास्ट मेमोरी होने के कारण इसका प्रयोग सभी प्रकार के कंप्यूटर में किया जाता है।

MotherBoard

मदरबोर्ड सभी प्रकार के कंप्यूटर में प्रयोग किया जाता है। यह एक इलेक्ट्रिकल पतली Plate होती है जो कि कंप्यूटर के सभी डिवाइस को एक साथ जोड़ने का कार्य करती है यह सभी डिवाइस के बीच में एक Connection Create करती है।

जिसकी वजह से कंप्यूटर के सारे डिवाइस मिलकर एक साथ कार्य कर पाते हैं। यह इलेक्ट्रिक बोर्ड सभी डिवाइस में उनके प्रयोग के अनुसार इलेक्ट्रिसिटी को भेजती रहती है इस कारण मदर बोर्ड का प्रयोग सभी प्रकार के कंप्यूटर में किया जाता है।

कंप्यूटर कितने प्रकार के होते हैं? (How many types of Computer In Hindi?)

कंप्यूटर के अनेक प्रकार होते हैं। यह सभी कंप्यूटर उनकी कुछ मुख्य विशेषताओं के आधार पर विभाजित किया गया है। जैसे-

1. उद्देश्य के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार
2. कार्य के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार
3. आकार के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार

इन तीन आधार पर कंप्यूटर का विभाजन किया गया है। नीचे दिए Article में हमने इन सभी प्रकार के कंप्यूटर के बारे में पूरी जानकारी में बताया है।

1.) उद्देश्य के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार

उद्देश्य के आधार पर कंप्यूटर दो प्रकार के होते हैं, जो नीचे दिए गए हैं।

General Purpose Computer


General Purpose Computer वे कंप्यूटर होते हैं। जिन्हें हम पर्सनल कंप्यूटर भी कहते हैं या इन्हें Single User कंप्यूटर भी कहा जाता है यह कंप्यूटर यूजर के कार्य अनुसार Build करवाए जाते हैं। यह कंप्यूटर ज्यादा हाई लेवल के प्रोग्राम को नहीं चला पाते यह बस कुछ Simple Work के लिए प्रयोग किया जाता है।

इन कंप्यूटर में एक प्रोसेसर, रैम और इंटरनल स्टोरेज डिस्क होती है। ये कंप्यूटर के मुख्य उदाहरण Desktop Computer, Laptop आदि है। यह कंप्यूटर अनेक कार्यों के लिए इस्तेमाल होते हैं जैसे कि बैंक में डाटा एंट्री, स्कूल, बिजनेस वर्क आदि के लिए इनका प्रयोग होता है।

ये कंप्यूटर द्वारा हम कैलकुलेशन भी कर सकते हैं। तथा इन कंप्यूटर में Binary Coding का प्रयोग किया जाता है यह कंप्यूटर आपको अपने स्कूल, बैंक, बिजनेस, शॉप में देखने को मिल जाएंगे इन कंप्यूटर का इस्तेमाल पर्सनल यूज़ के लिए भी प्रमुख रूप से किया जाता है इन कंप्यूटरों में हमें अपने डेटा एंट्री, डॉक्यूमेंट, ड्राइंग पिक्चर, नोट राइटिंग बहुत सारी ऐसी कार्य कर सकते हैं।

इन कंप्यूटर में इनपुट डिवाइस के रूप में कीबोर्ड, माउस जॉयस्टिक आदि का प्रयोग किया जाता है। तथा यह छोटे-छोटे कार्य करने में बहुत Fast होते हैं इनका प्रयोग Multipurpose Work के लिए भी किया जाता है।

Special Purpose Computer

Special Purpose Computer वे कंप्यूटर होते हैं। जो किसी विशेष कार्य को करने के लिए बनाए जाते हैं यह कंप्यूटर किसी एक मुख्य कार्यों को बहुत सरलता से कर देते हैं बिना किसी निर्देश के क्योंकि इन कंप्यूटर मे यह निर्देश पहले से प्रोग्राम कर दिया जाता है और सिर्फ किसी Single Button क्लिक करने से यह Save करें निर्देश के अनुसार कार्य करना शुरू कर देते हैं।

उदाहरण के लिए DSRL कैमरा इन कैमरों को हम Special Purpose Computer कह सकते हैं। क्योंकि इसे सिर्फ फोटो लेने के लिए बनाया गया है सिर्फ एक सिंगल बटन क्लिक करने से यह फोटो ले लेते हैं। वैसे ही वॉशिंग मशीन भी एक सिंगल पर्पस कंप्यूटर का उदाहरण है वॉशिंग मशीन में भी एक सिंगल क्लिक से कपड़े धो दिए जाते हैं।

यह कंप्यूटर अलग-अलग आकार के होते हैं। इन कंप्यूटर में कोई इंटरनल स्टोरेज डिवाइस नहीं होता तथा यह कंप्यूटर कुछ निर्धारित समय पर कार्य को समाप्त कर देते हैं।

इन कंप्यूटर को जिस कार्य के लिए बनाया जाता है ये उस के अलावा कोई अन्य कार्य कर नहीं सकते, क्योंकि इन्हें किसी विशेष कार्य को करने के लिए डिजाइन किया जाता है और ये उसी कार्य को कर पाते हैं स्पेशल कंप्यूटर फैक्ट्रियों में, घरों में प्रयोग किए जाते हैं।

2.) कार्य के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार

कार्य के आधार पर कंप्यूटर तीन प्रकार के होते हैं जो नीचे दिए गए हैं।

Analog Computer

एनालॉग कंप्यूटर वे कंप्यूटर होते हैं। जो भौतिक मात्राओं को मापने के लिए विशेष रूप से प्रयोग होते हैंये भौतिक मात्राएं जैसे-Temprature, Speed, Hight, Length आदि होती हैं।

यह कंप्यूटर इन सभी भौतिक मात्राओं को माप कर इनका परिणाम हमारे सामने कुछ अंकों में प्रस्तुत कर देता है। यह कंप्यूटर Continous Signal Work करते रहते हैं जिससे हमें भौतिक मात्राओं का परिणाम समय-समय पर मिलता रहता है।

जैसे गाड़ी में लगा SpeedoMeter समय-समय पर हमें गाड़ी की स्पीड को कुछ आंकड़ों की मदद से बताता रहता है वह एक एनालॉग कंप्यूटर का बहुत अच्छा उदाहरण होता है।

एनालॉग कंप्यूटर बहुत सटीकता से हमें भौतिक मात्राओं का परिणाम देता रहता है इस कंप्यूटर का उदाहरण आपके घर में लगी समय बताने वाली घडी भी है। ये घड़ी अपने Needle के द्वारा समय का ज्ञान देते रहते हैंएनालॉग कंप्यूटर में किसी प्रकार का कोई स्टोरेज डिवाइस का प्रयोग नहीं किया जाता।

Application of Analog Computer

1.) इन कंप्यूटर का प्रयोग इंजीनियरिंग क्षेत्रों में अधिक होता है।
2.) यह कंप्यूटर किसी भी छोटी से छोटी भौतिक मात्राओं को मापने में काम आता है।
3.) एनालॉग कंप्यूटर Continous Signal Work करके परिणाम प्रदान करता है।
4.) एनालॉग कंप्यूटर का इस्तेमाल बहुत सारे साइंटिफिक रिसर्च में भी किया जाता है।

Digital Computer

डिजिटल कंप्यूटर वह होते हैं जो अपने नाम की तरह ही Digits पर वर्क करते हैं इन डिजिट्स वर्किंग सिस्टम को हम Binary Coding या Binary Number कहते हैं जो कि 0 और 1 को बोला जाता है इन दोनों अंको की वजह से डिजिटल कंप्यूटर कार्य करता है

सरलता में कहा जाए, तो कंप्यूटर में अरबो ट्रांजिस्टर कनेक्शन होते हैं जो कि इनपुट या निर्देश पाने पर कार्य करते हैं यह ट्रांजिस्टर ON व OFF दो Connection कंप्यूटर में प्रोसेस करते रहते हैं यहां पर ON का मतलब 0 से है तथा OFF का मतलब 1 से है और इन दोनों ON, OFF सिग्नल को कंप्यूटर बाइनरी कोडिंग में कन्वर्ट करके ये कंप्यूटर आउटपुट के जरिए स्क्रीन पर दिखाता है। जिस से यह डिजिटल कंप्यूटर कार्य करते हैं

डिजिटल कंप्यूटर का प्रयोग कैलकुलेशन, टैक्स ग्राफिक्स, पिक्चर ड्राइंग ऐसे बहुत सारे Multipurpose के लिए किया जाता है पिछले कुछ वर्षों में यह कंप्यूटर सबसे ज्यादा विकास कर चुका है और यह सफर आज भी जारी है इन कंप्यूटर्स का मुख्य उदाहरण स्मार्टफोन, पर्सनल कंप्यूटर, लैपटॉप आदि है

Application of Digital Computer

1.) यह कंप्यूटर पर्सनल यूज़ के लिए बहुत प्रयोग किया जाता है।
2.) इन कंप्यूटर में गेम खेल सकते हैं, तथा मल्टीमीडिया का भी प्रयोग कर सकते हैं।
3.) यह कंप्यूटर कम्युनिकेशन, कैलकुलेशन के लिए भी प्रयोग किया जाता है।
4.) यह कंप्यूटर बाइनरी नंबर पर कार्य करता है, जो कि बहुत सरलता से किसी भी कार्य को पूर्ण करने में सक्षम है।

Hybrid Computer

हाइब्रिड कंप्यूटर को हम एनालॉग कंप्यूटर तथा डिजिटल कंप्यूटर का मिश्रण भी कह सकते हैं। क्योंकि इस कंप्यूटर में दोनों एनालॉग और डिजिटल कंप्यूटर की विशेषताएं होती हैं यह कंप्यूटर एनालॉग के साथ-साथ Binary Number पर भी कार्य करता है। इसी कारण यह कंप्यूटर अन्य दोनों कंप्यूटर के कार्य एक साथ कर देता है।

इन कंप्यूटरों का प्रयोग मुख्य रूप से चिकित्सालयो मे प्रयोग किया जाता है। जैसे E.C.G मशीन द्वारा मरीजों के हार्टबीट को मापा जाता है पहले यह E.C.G मशीन एनालॉग सिगनल्स के जरिए हार्टबीट रीडिंग को कुछ अंकों में लेता है, फिर उसे डिजिटल कंप्यूटर बाइनरी नंबर्स के द्वारा आउटपुट स्क्रीन पर दिखा दिया जाता है।

Application of Hybrid Computer

1.) इन कंप्यूटर का प्रयोग चिकित्सालय में किया जाता है।
2.) यह कंप्यूटर बाइनरी तथा एनालॉग दोनों नियमों पर कार्य करते हैं।

3.) आकार के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार

आकार के आधार पर कंप्यूटर चार प्रकार के होते हैं जिनकी पूरी जानकारी नीचे दी गई है।

Micro Computer

माइक्रो कंप्यूटर वे कंप्यूटर है। जिन कंप्यूटर को पहली बार जनता तक पहुंचाया गया यह कंप्यूटर अपने छोटे आकार तथा वजन की वजह से हर घर, स्कूल, बिजनेस, बैंक आदि मे प्रयोग किया जाने लगे और जिन्हें आज हम Desktop Computer के नाम से भी जानते हैं।

यह कंप्यूटर आज आप को अनेकों जगहों पर कार्य में मिल जाएंगे। 1970 के दशक में MicroProcessor के निर्माण के साथ-साथ इन कंप्यूटर का विकास हुआ और आज यह हम हमें Desktop Computer के रूप में देखने को मिलता है ये कंप्यूटर भी Binary Number कोडिंग पर कार्य करते हैं।

इन कंप्यूटर में हम Multitasking, Multipurpose Work कर सकते हैं। जैसे Communication, Calculation, Data Entry, Draw Picture, Text Reading and Writing जैसे अनेक कार्य इस कंप्यूटर में बहुत आसानी से हो जाते हैं।

इन कंप्यूटर में हमें Keyboard,Mouse, Monitor देखने को मिलते है। ये कंप्यूटर Multi-User के लिए नहीं प्रयोग किया जा सकता यह Single-User के लिए प्रयोग किया जाता है।

सन 1976 में पहला माइक्रो कंप्यूटर Apple कंपनी द्वारा बनाया गया। जिसका नाम Apple-1 रखा गया और ऐसे अनेक Development के कारण आज हमें यह डेस्कटॉप कंप्यूटर मिला।

Desktop Computer का इस्तेमाल बहुत सरल होने के कारण इनका उपयोग बहुत ज्यादा बढ़ गया है। यह हमें हर घर दुकान, व्यापार में उपयोग होते हुए मिल जाते हैं यह कंप्यूटर खासतौर पर Students के बीच में बहुत पॉपुलर है। क्योंकि इंटरनेट की मदद से यह कंप्यूटर Students के किसी भी सवाल का जवाब बहुत सरलता से हल कर देते हैं।

Mini Computer

मिनी कंप्यूटर माइक्रो कंप्यूटर से आकार में बड़े होते हैं। तथा यह कार्य क्षमता में भी माइक्रो कंप्यूटर से ज्यादा हैं। यह कंप्यूटर Multi purpose के लिए प्रयोग होता है इन कंप्यूटर का प्रयोग अनेक माइक्रो कंप्यूटर के बीच में Connection Network Build करने के लिए भी किया जाता है।

जैसा कि यह माइक्रो कंप्यूटर से कार्य क्षमता में आगे होते हैं। उसी प्रकार यह माइक्रो कंप्यूटर से महंगे भी होते हैं इन कंप्यूटर पर एक समय में एक से अधिक व्यक्ति कार्य कर सकता है। क्योंकि इन कंप्यूटर में अधिक संख्या में Processor या C.P.U का प्रयोग किया जाता है। जिस कारण इनकी कार्य करने की गति भी बहुत अधिक होती है।

सबसे पहला मिनी कंप्यूटर सन 1965 D.E.C (Digital Equipment Corporation) द्वारा बनाया गया। जिसका का नाम PDP-8 रखा गया। इन माइक्रो कंप्यूटर का प्रयोग बड़े व्यापार, बैंक को आदि में  किया जाता है।

Mainframe Computer

मेनफ्रेम कंप्यूटर आकार में माइक्रो और मिनी कंप्यूटर दोनों से बहुत बड़े होते हैं। इन कंप्यूटर की कार्य क्षमता बहुत ज्यादा अधिक होती है इन कंप्यूटर पर एक समय में हजारों लोग एक साथ कार्य कर सकते हैं। ज्यादा प्रोसेसर होने के कारण इसकी कार्य करने की गति बहुत ज्यादा तेज होती है।

यह एक कंप्यूटर बहुत सारे माइक्रो और मिनी कंप्यूटर नेटवर्क को अपने साथ जोड़ने का भी कार्य कर सकता है। मेनफ्रेम कंप्यूटर की Data Transfer शक्ति बहुत ज्यादा होती है। इसीलिए इसका प्रयोग Data Transfer करने के लिए भी किया जाता है।

इसकी Data Storage Unit बहुत बड़ी होता है। जिसमें बहुत बड़ी संख्या में डाटा को Store किया जा सकता है यह कंप्यूटर बहुत तेज गति से कार्य करते हैं और जिस प्रकार ये अनेकों कार्यों को कुछ समय में कर पाते हैं उसी प्रकार इनका मूल्य भी बहुत ज्यादा होता है यह माइक्रो और मिनी कंप्यूटर से बहुत ज्यादा महंगे होते हैं।

यह कंप्यूटर कई दिनों तक निरंतर कार्य कर सकते हैं। मेनफ्रेम कंप्यूटर के कुछ मुख्य उदाहरण यह है जैसे I.B.M 4381, I.C.L 39 Series ये मेनफ्रेम कंप्यूटर के उदाहरण हैं।

इन कंप्यूटर का प्रयोग मुख्य रूप से Large डाटा ट्रांसफर नेटवर्क सर्वर को Create करने के लिए किया जाता है, बैंकों के मुख्य केंद्र सरवर के रूप में भी इनका प्रयोग किया जाता है।

Super Computer

सुपर कंप्यूटर आकार में दुनिया के सबसे बड़े कंप्यूटर होते हैं। इसका आकार लगभग एक कमरे जितना बड़ा होता है अपने बड़े आकार की तरह इसका कार्य क्षमता भी बहुत ज्यादा होती है, इन कंप्यूटर में हजारों प्रोसेसर लगे होते हैं जो Parallel Way में एक साथ कार्य कर सकते हैं।

इसलिए इसे Parallel Processing कंप्यूटर भी कहा जाता है, इस कंप्यूटर की गति, स्टोरेज साइज बहुत ज्यादा बड़े होते हैं और इन कंप्यूटर में हजारों कार्यों को कुछ सेकंड में करने की क्षमता होती है।

भारत में पहला सुपर कंप्यूटर सन 1988 में बना लिया गया था। जिसका नाम PARAM रखा गया और यह सुपर कंप्यूटर पूरी तरह भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा बनाया गया बाद में इसकी अपडेट का नाम PARAM 10000 रखा गया।

इन सुपर कंप्यूटर का उपयोग मुख्य रूप से Scientific Research, Space Travalling, Space Research, Weather Forcasting के लिए किया जाता है।

सम्बंधित लेख

हमारा यह Article यहां समाप्त होता है। इस Article में हमने बताया है कि "कंप्यूटर कितने प्रकार के होते हैं और कौन-कौन हिंदी में" तथा हमने इन कंप्यूटर की कुछ जानकारी भी इस Article में बताई है अगर आप ने यह Article पूरा पढ़ लिया है।

तो हम आशा करते हैं, कि आपको अब यह जानकारी हो गई होगी कि Computer kitne prakar ke hote hain?। आप इस Article को अधिक से अधिक अपने दोस्त, परिवार में रिलेटिव्स के साथ शेयर करें और ऐसे ही कंप्यूटर से संबंधित जानकारी पाने के लिए आप हमारी साइट के अन्य Article को भी पढ़ सकते हैं।

आप में से किसी का अगर कोई Doubt हो तो वह कमेंट करके हमसे जरूर पूछ सकता है। हम उसका रिप्लाई जरूर करेंगे।

Post a Comment

0 Comments