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Processor kya hai - प्रोसेसर के प्रकार | HindiForYou.In

Processor kya hai ? और यह कैसे कार्य करता है क्या आप जानते हैं, क्योंकि आज इस आर्टिकल में हमने यही बताया है कि यह प्रोसेसर क्या है और उसे से के कितने प्रकार हैं। आज सभी प्रकार के कंप्यूटर मोबाइल में प्रोसेसर का प्रयोग किया जाता है। यह प्रोसेसर कंप्यूटर का बहुत मुख्य भाग होता है जिसके कारण कंप्यूटर की कार्य करने की गति बढ़ जाती है।

समय के साथ-साथ हमारी टेक्नोलॉजी का विकास तेजी से बढ़ रहा है। जिसके साथ साथ हमारे कंप्यूटर मोबाइल के कार्य करने की गति भी बढ़ रही है जो हमारे लिए एक बहुत अच्छी बात है। सभी कंप्यूटर की गति तेज होने का कारण Processor होता है। एक अच्छा प्रोसेसर कंप्यूटर की कार्य गति को बढ़ा देता है।

इसलिए जब भी हम कंप्यूटर या मोबाइल खरीदने जाते हैं। तब दुकानदार हमें उस डिवाइस के Processor की Details बताता है और इन्हीं डिटेल के अनुसार ही प्रोसेसर का मूल्य तय किया जाता है।

हमारे कंप्यूटर या मोबाइल में लगे प्रोसेसर इनपुट व आउटपुट Basis पर कार्य करते हैं। हमारे द्वारा Input Device के जरिए जब प्रोसेसर इनपुट पाता है तब उस इनपुट के अनुसार ही प्रोसेसर कार्य करता है। कार्य को समाप्त करने के बाद पूरे किए गए कार्य का परिणाम वह Output Device के माध्यम से हमारे सामने प्रस्तुत करता है।

प्रोसेसर के बारे में अनेक अन्य जानकारी जैसे यह प्रोसेसर क्या है ? प्रोसेसर कैसे काम करता है यह सभी जानने के लिए इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें।

तो चलिए, जानते हैं कि यह Processor kya hai? - प्रोसेसर के प्रकार

Processor kya hai - प्रोसेसर के प्रकार | HindiForYou.In

प्रोसेसर क्या है? (Processor kya hai?)

प्रोसेसर एक प्रकार की इलेक्ट्रिक Chip होती है। जो कि हमारे मदर बोर्ड के ऊपर लगी होती है यह दिखने में एक चकोर आकार की छोटी चिप जैसी होती है। प्रोसेसर हमारे कंप्यूटर व मोबाइल में लगा होता है। जिसे हमारे कंप्यूटर व मोबाइल की कार्य गति बढ़ाई जाती है यह प्रोसेसर हमारे कंप्यूटर के सभी इनपुट व आउटपुट गतिविधियों पर ध्यान देता है तथा उन सभी को प्रोसेस करता है।

प्रोसेसर हमारे द्वारा दिए इनपुट के अनुसार कार्य करता है। और परिणाम स्वरुप हमारे सामने आउटपुट के माध्यम से प्रस्तुत करता है।

प्रोसेसर हमारे सिस्टम के सभी इनपुट डिवाइस और आउटपुट डिवाइस की गतिविधियों को समझता है। तथा यह कंप्यूटर के हार्डवेयर डिवाइस की गतिविधियों पर भी ध्यान रखता है वह उनको नियंत्रण करके उनसे प्रोसेस ऑपरेशन में कार्य करवाता है।

प्रोसेसर ही कंप्यूटर का वह भाग होता है। जो "कंप्यूटर का दिमाग" कहलाता है इसे हम सीपीयू के नाम से भी जानते हैं जिसे हम "सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट" कहते हैं।

कंप्यूटर के तेजी से कार्य करने का कारण प्रोसेसर ही होता है क्योंकि यह प्रोसेसर जितना बढ़िया होगा कंप्यूटर उतना तेज कार्य करेगा।

"प्रोसेसर कंप्यूटर में लगा एक चकोर इलेक्ट्रिक Chip होती है। जो कंप्यूटर में दिए किसी भी इनपुट गतिविधियों को Process करता है और आउटपुट के माध्यम से हमारे सामने प्रस्तुत करता है। कंप्यूटर के मदरबोर्ड पर लगे सभी डिवाइस को कंप्यूटर प्रोसेसर कंट्रोल करता है और इनपुट के अनुसार ही प्रोसेसर इन हार्डवेयर डिवाइस से कार्य करवाता है।"


प्रोसेसर का इतिहास (History Of Processor)

प्रोसेसर के इतिहास की शुरुआत इंटेल के द्वारा हुई थी। इंटेल ने ही दुनिया का सबसे पहला माइक्रोप्रोसेसर सन 1971 में बनाया था।

दुनिया के सबसे पहले माइक्रोप्रोसेसर का नाम इंटेल 4004 था। जो एक सिंगल चिप प्रोसेसर था जिसे इंटेल के तीन इंजीनियरों ने मिलकर बनाया था जिनका नाम Ted Hoff, Federica Faggin तथा Stan Maza था। इस प्रोसेसर को मार्च सन 1971 में लांच किया गया था।

इंटेल 4004 एक बहुत छोटे आकार का प्रोसेसर था। जो आज के I.C (Integrated Circuits) जैसा दिखाई देता था।इस प्रोसेसर में अनेक प्रोसेसिंग सर्किट को लगाया गया जो कंप्यूटर के सभी आउटपुट इनपुट गतिविधियों के साथ-साथ उसके हार्डवेयर डिवाइस के कार्यों को भी समझ सकता था।

एक सिंगल चिप प्रोसेसर होने के कारण यह मल्टीटास्किंग जैसे कार्य को नहीं कर सकता था। पर समय के साथ-साथ इन कंप्यूटर के प्रोसेसर में विकास हुआ और आज यह प्रोसेसर बहुत बड़े-बड़े कार्य को कुछ चंद नैनोसेकेंड्स में कर देते हैं।

आज के यह प्रोसेसर मल्टीकोर डिजाइन में उपलब्ध होते हैं। साथ ही यह पहले के मेगाहर्ट्ज प्रोसेसर स्पीड से बढ़कर गीगाहर्ट तक पहुंच गए हैं।

अगर आप जानना चाहते हैं कि यह मेगाहर्ट्ज, गीगाहर्ट व कोड क्या है तो इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें।


प्रोसेसर कोर क्या होता है? (What is Core in Processor)

आज अनेक प्रकार के प्रोसेसर मार्केट में उपलब्ध हैं। पर इन प्रोसेसर की कार्य क्षमता इन प्रोसेसर के कोर पर निर्भर करती है। पहले के कंप्यूटर में प्रयोग होने वाले सिंगल कोर प्रोसेसर जिनमें एक कोर का प्रयोग किया जाता था जिन की कार्य क्षमता बहुत कम होती थी वही ड्यूल कोर वाले प्रोसेसर जिनमें दो कोर लगे रहते हैं वह कार्य को दुगनी क्षमता से कर पाते हैं।

यह कोर प्रोसेसर में लगे छोटे-छोटे माइक्रो प्रोसेसर सर्किट होते हैं जो मिलकर कार्य को करते हैं जिससे समय कम लगता है और कार्य जल्दी हो जाता है।

उदाहरण के लिए, जब हम अकेले किसी कार्य को करते हैं। अब उस कार्य को करने में समय लगता है परंतु अगर वह कार्य जो व्यक्ति करें तो उसे बहुत कम समय में पूरा किया जा सकता है। उसी प्रकार हमारे कंप्यूटर प्रोसेसर में कोर का कार्य होता है।

प्रोसेसर में जितने ज्यादा कोर होंगे प्रोसेसर की कार्य क्षमता उतनी ही ज्यादा अच्छी होगी। और इसी कोर की संख्या के अनुसार उस प्रोसेसर का मूल्य भी होगा। ज्यादा कोर होने के कारण हम कंप्यूटर सिस्टम में मल्टी टास्किंग भी कर सकते हैं। यानी एक समय में एक से अधिक कार्य को हम कंप्यूटर में किसी मल्टी कोर प्रोसेसर के द्वारा कर सकते हैं।


कोर के प्रकार (Types of Core)

प्रोसेसर में अलग-अलग संख्या में कोर उपलब्ध होते हैं। जिनके अनुसार ही कोर के प्रकार बांटे गए है। जैसे

Core Number

Core Name

1 Core

Single Core

2 Core

Dual Core

4 Core

Quard Core

6 Core

Hexa Core

8 Core

Octa Core

10 Core

Deca Core


C.P.U क्या करता है?

कंप्यूटर में लगा सीपीयू 3 बेसिस पर कार्य करता है। जिसमें इनपुट लेना उस इनपुट के अनुसार कार्य को समाप्त करना तथा आउटपुट के माध्यम से परिणाम हमारे सामने प्रस्तुत करना। इन तीनों कार्यों को करने के लिए कंप्यूटर सीपीयू में A.L.U (Arithmetic Logic Unit) का प्रयोग किया जाता है।

A.L.U के इस्तेमाल से, जब भी प्रोसेसर को कोई इनपुट मिलता है। तब प्रोसेसर में लगे सर्किट गेट्स जिन्हें हम AND, OR, NOT Gate कहते है। ये Gate दो फंक्शन ON और OFF पर कार्य करते हैं जिन्हे हम Binary Digits (0 और 1) के नाम से जानते हैं।

"ये बाइनरी डिजिट्स किसी Data Storage का सबसे छोटा हिसा होता हैं। जिसे 0 और 1 में स्टोर किया जाता हैं।जिसे हम bit भी कहते हैं।"

इनपुट इंस्ट्रक्शन के अनुसार ही प्रोसेसर में लगे इन गेट्स की मदद से अरबो संख्याओं की Binary Digits कैलकुलेशन को कुछ चंद सेकंडओ में कर दिया जाता है जिसे हम Binary Digits की मदद से करते हैं। और इन्हीं कैलकुलेशन के आधार पर प्रोसेसर हमारे रिजल्ट को निकालता है। और पूरे किए हुए परिणाम को आउटपुट डिवाइस के माध्यम से हमारे सामने स्क्रीन पर प्रस्तुत कर देता है।

हमने अनेक बार किताबों में पढ़ा होगा कि यह कंप्यूटर C.P.U Binary Digits पर कार्य करता है। जो 0 या 1 की भाषा को समझते हैं। सीपीयू में इन अरबो संख्याओं की कैलकुलेशन को Binary Digits की मदद ली जाती है। इन कैलकुलेशन को इतनी तेजी से करने के लिए तीन प्रकार के सर्किट गेट का प्रयोग किया जाता है। जिन्हें हम AND, OR, NOT Gate के नाम से जानते हैं।

प्रोसेसर की इस कैलकुलेशन स्पीड को मापने के लिए मेगाहर्ट्ज, गीगाहर्टज यूनिट का प्रयोग किया जाता है।


सीपीयू के प्रकार (Types of C.P.U)

आज सीपीयू के अनेक प्रकार हमें मिल जाते हैं। पर सीपीयू के शुरुआती समय में सीपीयू को कुछ नंबर से जाना जाता था। जैसे इंटेल 4004 को दिए उसके नंबर 4004 के नाम से जाना जाता था परंतु अब सीपीयू को उसकी कार्य क्षमता तथा आर्किटेक्चर के बेस पर बांटा गया है।

कंप्यूटर में आमतौर पर दो आर्किटेक्चर का प्रयोग होता है। 32 बिट ओर 64 बिट इन दो आर्किटेक्चर से प्रोसेसर की स्पीड व पावर कंजप्शन में विकास होता है। कार्य क्षमता के लिए प्रोसेसर को उनके कौर के अनुसार जाना जाता है इन्हीं दोनों कार्य क्षमता और आर्किटेक्चर को ध्यान रखते हुए प्रोसेसर को बनाया जाता है।

सरवर लेवल के बड़े-बड़े वर्क करने के लिए हाई कोर तथा गुड आर्किटेक्चर वाले प्रोसेसर का प्रयोग किया जाता है। जैसे

  • Intel Xeon Series
  • Intel Itanium Series
  • AMD Opteron Series

सिंगल यूजर प्रोसेसर के लिए इन प्रोसेसर को प्रयोग में इन प्रश्नों को लिया जाता है।

  • Intel Pentium
  • Intel Celeron
  • Intel Core 2 Duo
  • AMD Athlon

जब हम प्रोसेसर का प्रयोग अपने मोबाइल में करते हैं। तब उन प्रोसेसर का आकार और आर्किटेक्चर कंप्यूटर प्रोसेसर से बहुत छोटा होता है और इन प्रोसेसर के आर्किटेक्चर को A.R.M द्वारा बनवाया जाता है। जैसे

  • Qualcomm
  • Exynos
  • Meditek
  • Nvidia

यह कुछ कंपनियां हैं, जो कंप्यूटर प्रोसेसर बनाती हैं।


प्रोसेसर कैसे कार्य करता है

प्रोसेसर के कार्य करने के तीन चरण होते हैं। जिसे हम Fetch, Decode तथा Execute कहते हैं।

Fetch

जब भी यूजर द्वारा कोई इनपुट दिया जाता है। तब प्रोसेसर उस इनपुट कंस्ट्रक्शन को कैश मेमोरी या मेन मेमोरी से Fetch करके लाता है जिस इंस्ट्रक्शन के अनुसार कार्य कर सकें।

Decode

Fetch से लिया हुआ डाटा इंस्ट्रक्शन सीपीयू के कोर में जाता है। जहां कोर उस इंस्ट्रक्शन को पहचान कर उसके अनुसार कार्य करना शुरू कर देता है।

Execute

Fetch तथा Decode के बाद प्रोसेसर के जिस कोर में वह इंस्ट्रक्शन डाटा ऑपरेशन के लिए ALU प्रयोग करता है और कार्य को पूरा करता है। यह भाग हमारे आउटपुट डिवाइस से जुड़ा होता है जो परिणाम निकलते ही उसको आउटपुट डिवाइस के माध्यम से हमारे सामने प्रस्तुत कर देता है।


प्रोसेसर में क्लॉक स्पीड क्या है?

प्रोसेसर क्लॉक स्पीड को हम प्रोसेसर की स्पीड भी कह सकते हैं। जिस प्रोसेसर की जितनी ज्यादा क्लॉक स्पीड होगी वह इतना फास्ट वर्क करेगा। ऊपर आर्टिकल में हमने पढ़ा कि प्रोसेसर प्रोसेसिंग करने के लिए बायनरी Digits का प्रयोग करता है इसलिए प्रशासन में अनेक बायनरी Digits सर्किट से लगाए होते हैं।

इन सर्किट में प्रोसेसर हमारे द्वारा भेजे इनपुट इंस्ट्रक्शन को बायनरी Digits के माध्यम से भेजता है और अरबों संख्याओं की कैलकुलेशन करके हमारे सामने रिजल्ट को लेकर आता है। यहां पर जो हम क्लॉक स्पीड की बात कर रहे हैं। यह हमारे प्रोसेसर के इस कैलकुलेशन करने की स्पीड को मापता है। जिसे हम मेगाहर्ट्ज और जीजाहाइट्स में मापते हैं।

1Mhz वाला प्रोसेसर एक सेकंड में 10 करोड़ कैलकुलेशंस को कर सकता है। तथा 1Ghz वाला प्रोसेसर 1 सेकंड में 1 अरब कैलकुलेशन को कर सकता है।

इससे हमें पता चलता है। कि हमारा प्रोसेसर कितनी तेजी से इतनी सारी कैलकुलेशन को कर पाता है और इतनी ज्यादा कैलकुलेशन करने की वजह से हमारा प्रोसेसर बहुत ज्यादा गर्म होता है जिसके और ठंडा करने के लिए हम कूलिंग फैन का प्रयोग करते हैं।

अगर हम अपने प्रोसेसर को उसकी दी हुई फ्रीक्वेंसी से ज्यादा ओवरक्लॉक कर देते हैं। तो इतनी अधिक फ्रीक्वेंसी ई के कारण हमारा प्रोसेसर गर्म होकर जल जाता है।


प्रोसेसर बनाने वाली कंपनी

जैसा कि हम जानते हैं कि प्रोसेसर कंप्यूटर पर मोबाइल में प्रयोग किया जाता है और धीरे-धीरे अपनी बढ़िया आर्किटेक्चर के कारण यह प्रोसेसर बहुत विकास कर चुके हैं।

प्रोसेसर बनाने में सबसे ज्यादा प्रमुख इंटेल और एमडी कंपनियां है। जो आज मार्केट पर राज कर रही हैं यह बढ़िया प्रोसेसर के साथ-साथ उनके अपडेट भी करती रहती है इसीलिए इंटरप्रोसेसर का बहुत अधिक इस्तेमाल किया जाता है।

प्रोसेसर बनाने वाली कंपनियों के नाम यह है।

  • Intel
  • Nvidia
  • AMD
  • Samsung
  • Qualcomm
  • Mediatek
  • Motorala
  • IBM


प्रोसेसर के नाम

पहले हम प्रोसेसर को उनके दिए हुए अंकों के आधार पर जानते थे पर अब कंपनी इन प्रोसेसर को एक सीरीज का नाम देती है जैसे

  • Intel
Intel Pentium Series
Intel Celeron Series
Intel Core Series
Intel Core 2 Duo Series
Intel Xeon Series
Intel Itanium Series
Intel Atom Series
  • AMD
AMD FX Series
AMD Athlon
AMD Ryzen


प्रोसेसर की जनरेशन क्या है?

कंप्यूटर की जनरेशन में कंप्यूटर की शुरुआत से अब तक के विकास का पता चलता है। उसी प्रकार प्रोसेसर में जनरेशन से प्रोसेसर की अपडेट डेवलपमेंट का पता चलता है। इसलिए प्रोसेसर में जनरेशन को दर्शाया जाता है।


प्रोसेसर जेनरेशन से हम यह जान सकेंगे कि किस प्रोसेसर सीरीज के पुराने और नए जेनरेशन में क्या क्या फर्क है।

प्रोसेसर के जेनरेशन को कैसे पहचाने

प्रोसेसर के जनरेशन को पहचानने के लिए हमें उस प्रोसेसर सीरीज के किसी सीपीयू मॉडल के अंकों को देखना होगा।

जैसे इंटेल i5 4570 or i5 4460 यहां पर जो i5 दिया गया है वह प्रोसेसर के सीरीज को दर्शाता है की यह प्रोसेसर i5 Series का है। तथा प्रोसेसर के साथ दिए नंबर 4570 or 4460 हमें उस प्रोसेसर के जनरेशन को दर्शाते हैं।

वह ऐसे ही जो इन दोनों संख्याओं में दिया पहला अंक है। वह 4 है इसलिए यह प्रोसेसर फोर्थ जनरेशन का है। इसी प्रकार किसी भी प्रोसेसर में जो संख्या दी जाती है उसका पहला अक्षर प्रोसेसर की जनरेशन को दर्शाता है।

Conclusion

इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आप को पता चल गया होगा कि यह प्रोसेसर क्या होता है और यह प्रोसेसर कैसे कार्य करता है, प्रोसेसर के प्रकार प्रोसेसर से जुड़ी अनेक जानकारी आपने इस आर्टिकल में जारी होगी जैसे कि है क्लॉक स्पीड क्या होती है यह प्रोसेसर कैसे कार्य करता है।
आज विश्व में कंप्यूटर टेक्नोलॉजी बहुत तेजी से विकास कर रहा है। आप लोग भी हमारे आर्टिकल को इस टेक्नॉलजी के माध्यम से ही पढ़ पा रहे हैं। इस कंप्यूटर टेक्नोलॉजी के लिए प्रोसेसर बहुत महत्वपूर्ण होता है आगे आने वाले समय में इसका विकास चलता रहेगा जिससे मुश्किल से मुश्किल कार्य को बहुत सरलता से कर दिया जाएगा।
तो हम आशा करते हैं, कि यह आर्टिकल आप लोगों को अच्छा लगा होगा अगर यह आपको अच्छा लगा है तो कमेंट करके जरूर बताएं यदि हमसे कोई गलती हो गई हो इस आर्टिकल को लिखने में तो वह भी कमेंट करके हमें जरूर बताएं।
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जय हिन्द, जय भारत

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